Santa Claus : सांता क्लॉस की कहानी

सांता क्लॉज रहस्यमय इतिहास (Santa Claus Mysterious History)

Santa Claus : सांता क्लॉस की कहानी – क्रिस क्रिंगल फादर क्रिसमस और संत निकोलस के नाम से मशहूर सांता क्लॉज एक बहुत ही अजीबोगरीब और जादूगर इंसान है। इनको बच्चों को खुश करना बहुत अच्छा लगता है और दिल के सच्चे बच्चों के लिए यह उपहार लाते हैं। 

एक ऐसी धारणा है ,क्रिसमस के दिन बर्फ की चादर को ढक कर उत्तरी ध्रुव की ओर से आठ उड़ने वाले रेनडियरकी स्लेज गाड़ी की सवारी करते हुए सांता आते है। और इनके रेंडीयरों के नाम क्रमशः रुडोल्फ़, डेशर, डांसर, प्रेन्सर, विक्सन, डेंडर, ब्लिटज़न, क्युपिड और कोमेट  है।सांता को  पौराणिक चरित्र माना गया है।सांता कई नामों से जाना जाता है जिनमें संत निकोलस क्रिस क्रींगल और क्रिसमस पिता  है। 

सांता का बचपन कैसा गुजरा ? (How did Santa’s childhood go?)

संत निकोलस के जन्म की माने तो तीसरी सदी में जीसस की मृत्यु के 280 वर्ष के बाद मायरा नामक स्थान पर हुआ था। यह एक रईस परिवार में जन्मे थे। 

परंतु इनके माता-पिता की मृत्यु बचपन में ही हो गई थी। इनको बचपन से ही प्रभु यीशु में गहरी आस्था थी और आगे चलकर यह ईसाई धर्म के पादरी और बाद में‍ बिशप बन गए। इनको शुरू से ही दीन -हीन लोगों की मदद करना बच्चों के चेहरे पर मुस्कान पसंद था।   

date of birth santa claus
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क्रिसमस का सांता आखिर संबंध क्या है? (
What is Christmas Santa’s relationship?)

19वीं सदी में संता क्लॉज वास्तविक रुप से अस्तित्व में आए इससे पहले ये एकदम अलग थे। आज से लेकर करीब डेढ़ हजार वर्ष पहले का जन्म संत निकोलस असली सांता और सांता के जनक माना गया । जबकि संत निकोलस और जीसस के जन्म के समय में  साधारण तौर पर कोई संबंध नहीं  है। परंतु आज भी जब क्रिसमस की बात की जाती है उसके साथ सांता के जिक्र होता इनके बिना क्रिसमस अधूरा सा होता है। 

सांता क्रिसमस के दिन ही उपहार देते थे? (Did Santa give gifts on Christmas day?)

सांता चाहते थे कि क्रिसमस और नए साल के दिन पर अमीर के साथ-साथ गरीब भी खुश रहे उन्हें बच्चों से बेहद लगाव था। प्रभु ईसा मसीह के जन्मदिन पर वह किसी का दुखी होना ,उन्हें बर्दाश्त नहीं था। इसी वजह से वह क्रिसमस के दिन अपने कंधे पोटली में उपहार लेकर लोगों को उपहार देते थे  बच्चे उपहार पाकर लोग खुश होते थे ।  

जिन बच्चों पास कुछ नहीं होता था उनके लिए खानपान की सामग्री और बच्चों के लिए खिलौने उपहार के रूप में दिया करते थे ।इसमें दिन खास बात यह थी कि वह लोगों की नजरों से बचकर लोगों को उपहार दिया करते थे क्योंकि उन्हें किसी की नजर में आना पसंद नहीं था। यही वजह है कि बच्चों को उस दिन जल्दी सुला दिया जाता था ।उनकी इस उदार हृदय के कारण उन्हें संत निकोलस के नाम से पुकारा जाने लगा। 

संत निकोलस से  कैसे  बने सांता क्लॉज (How Santa Claus was made of Saint Nicholas?)

दिसंबर का महीना आते ही बच्चों में एक विशेष तरह का उत्साह देखने को मिलता है जैसे-जैसे दिन बीतते जाते हैं और 25 दिसंबर का दिन निकट आने लगता है।  क्रिसमस के दिन बच्चो की खुशी का कोई ठिकाना नहीं होता इसके पीछे एक कारण सांता का चुपके से आना और उपहार देना जाना भी शामिल है ।  

बच्चो एक आस लगी होती है कि संता क्लॉज आएंगे और अपने साथ पोटली में ढेर सारे गिफ्ट लेकर सब बच्चो  को देंगे। क्रिसमस के दिन  क्रिसमस ट्री सजाए जाते है इसमें छोटे छोटे बल्ब के साथ गिफ्ट टंगे हुए होते हैं। जिंगल बेल की आवाज करते हुए संता क्लॉज अपने साथ ढेर सारी उपहार सौगात के रूप में ले आएंगे।   

बच्चों की परिकल्पना में हो..हो ..हो की आवाज करते हुए संता क्लॉज रहते हैं इनकी रूप रेखा और पहनावे की बात करें लाल और सफेद कपड़ों को पहने हुए सफेद रंग की दाढ़ी और बालों वाले कंधे पर एक पोटली रखे हुए बच्चों के पास आते हैं। हर बच्चों में संता क्लॉज से मिलने की इच्छा रहती है।

उनके आते ही जैसे चारों तरफ खुशियों की लहर दौड़ पड़ती है। वैसे हम आपको बताते चलें कि पश्चिमी देशों को छोड़कर अधिकांश देशों के लोगों को यह भी पता नहीं होता कि संता क्लॉज कौन है ?और यह क्यों और कहां से आते हैं? आपको जानकर हैरानी होगी सांता का इतिहास भी बहुत आश्चर्य से भरा हुआ है। 

कैसे हुआ सांता बनने का चलन? (How did it become to become Santa?)

सांता यानी संत निकोलस की मृत्यु हो जाने के बाद लोगों ने सांता बनना, और सांता की तरह गरीबों और जरूरतमंद लोगों की मदद करना| एक प्रकार से प्रथा सी हो गई ।जैसा कि अब तक आप जान चुके होंगे कि संत निकोलस ही सांता क्लॉस के नाम से जाने जाते हैं। इनका यह नया नाम डेनमार्क वासियों के द्वारा दिया गया है। 

सांता क्लॉज का वास्तविक पता  (Santa Claus Real Address)

आज भी लोगों का ऐसा मानना कि सांता अपनी पत्नी और बहुत सारे बौनों  के साथ उत्तरी ध्रुव में निवास करते हैं और वहां पर खिलौनों की एक फैक्ट्री स्थित है ।जहां पर खिलौने निर्मित किए जाते हैं ।सांता के कुछ बौने सालभर खिलौने बनाने का कार्य करते हैं ताकि उनको क्रिसमस के दिन बच्चों को दिया जा सके। यहां तक की विश्व भर में सांता के कई पते दिए गए हैं और बहुत से बच्चे अपने खत सांता को लिखते हैं। परंतु उनके फिनलैंड वाले पते पर सबसे अधिक पत्र भेजे जाते हैं ।खास बात तो यह है कि इस पते पर हर बच्चे को जवाब भी प्राप्त होता है।

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